अभिलेखागार

३० करोड़ से अधिक की तकरीबन तैयार सेना मानव जाति के स्वतंत्रता संग्राम को विश्व-विजय तक ले जा सकती है

संसार भर में ३० करोड़ से अधिक युवाजन न तो सभ्यता में रोज़गारपूर्वक समायोजित हो सके हैं और न ही रोज़गार के ज़रिए के तौर पर किसी प्रकार की शिक्षा ही प्राप्त कर सके हैं । राज्य के संस्कार के तौर पर शिक्षा और सभ्यता में रोज़गार के तौर पर व्यवस्था २४ वर्ष [...]

हमें कानून बनाने होंगे और उन्हें लागू कराना होगा

भारतवर्ष एक राज्य के रूप में शुरुआ़त से ही गहन संकट में फँसा रहा है । लगातार बारम्बार अयोग्य नेतृत्व ने इसे पहले और गंभीर बनाया फिर कंपनियों के साथ पैसों के लिए हुई पार्टियों की सांठ-गाँठ ने परिस्थिति को पूरी तरह चौपट कर दिया । अब तक के इस राजनीतिक दलदल से [...]

चीन के साथ लगी भारत की सीमा पर संकट कारगिल के युद्धपूर्व संकट से किसी भी तरह कम नहीं है और भारत के कमजोर प्रधानमंत्री ने अब तक युद्ध की घोषणा नहीं की है

चीन के साथ लगी भारत की सीमा पर संकट कारगिल के युद्धपूर्व संकट से किसी भी तरह कम नहीं है और भारत के कमजोर प्रधानमंत्री ने अब तक युद्ध की घोषणा नहीं की है । ऐसा ही चलने दिया गया तो बहुत कुछ बस उसी तरह नक़्शे में ही रह जायेगा जैसे आधा [...]

आखिर किसी को चुन लेने की ज़रूरत ही क्या है जब एक आधी शताब्दी से भी लंबे समय से चुने जा रहे लोगों ने आज तक अपने विधायी उत्तरदायित्व तक को सम्पूर्ण नहीं किया और देश का शासन औपनिवेशिक कानूनों से ही चलने दिया हो ?

जो आदमी रामलीला मैदान में अभूतपूर्व भीड़ जुटा कर भी स्वयं के नेतृत्व के लिए दूसरों पर निर्भर था और जो आदमी वहीं पर भीड़ जुटा कर पुलिस के डर से भाग निकला था अथवा जो आदमी अब तक अदालतों में इस सफाई से बच निकलता रहा हो कि उसके राज्य में हुए [...]

१९८४ में जो हुआ वह दंगा नहीं जनसंहार था

सब से पहली बात यह कि १९८४ में जो हुआ वह दंगा नहीं था । वह सिख संप्रदाय के लोगों का एकतरफा जनसंहार था । आज अदालत में न्यायाधीश पर जूता उछाला गया । क्योंकि लोगों को लगा कि चश्मदीद गवाहों के बयानों के बावजूद सज्जन कुमार को छोड़ दिया गया । याचिकाकर्ता [...]

अगर आपकी कोई आमदनी है तो अपनी एक दिन की आमदनी अपनी आज़ादी के लिए अभी सांकृत गुरुकुल के खाते में जमा करा दें

आज पार्टियों और कंपनियों का अपवित्र गंठजोड़ भारत में सारे भ्रष्टाचार का केन्द्रीय स्रोत है । इससे निपटने का केवल एक ही तरीका है कि अगर आपकी कोई आमदनी है तो अपनी एक दिन की आमदनी अपनी आज़ादी के लिए अभी सांकृत गुरुकुल के खाते में जमा करा दें ।

किसी [...]

भारत को कारगिल में घुसपैठ का षड्यंत्र रचने के अपराधी पाकिस्तान की सेना के भूतपूर्व जनरल परवेज मुशर्रफ के प्रत्यर्पण की माँग करनी चाहिए

परवेज मुशर्रफ ने कारगिल में जो कुछ किया था उसे २०१७ से ही सही अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय में भी सुनवाई योग्य अपराध मान लिया गया है । जब यह हुआ, तब भी यह एक अपराध था । आगे चल कर जब मुशर्रफ ने सत्ता हथिया ली तब अटल सरकार ने पाकिस्तान से सम्बन्ध [...]

समय ने हमें एक ऐसे शासन के अधीन कर रखा है जो कूटनीतिक समझ और सामरिक साहस के अभाव से ग्रस्त है

पाकिस्तानी सीमा पर भारतीय जवानों के सर कटे जाने के पश्चात चीन की घुसपैठ का मामला साफ़ तौर पर मनमोहन शासन की कूटनीतिक विफलता को रेखांकित कर गया है । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अब जिस योजना की बात कर रहे हैं उसे समझने का प्रयत्न करना भी मूर्खतापूर्ण होगा । समय ने हमें [...]

जन-संहार में किसकी क्या भूमिका रही यह कानूनी बहस का पेचीदा मसला बेशक बनता रहे लेकिन देश का प्रत्येक नागरिक जन-संहार की छूट देने वाले का नाम बहुत अच्छी तरह जानता है

निरीह लोग सदियों से राज्य को बर्दाश्त करते आये हैं क्योंकि वे अपने जान-माल की हिफाज़त चाहते हैं । लेकिन जब राज्य ही उन्हें जान-माल के जोखिम में डाल दे तो निर्दोष नागरिकों को निर्दयतापूर्वक क़त्ल करने वाले शासन को बच निकलने नहीं दिया जा सकता । १९८४ का दिल्ली रहा हो अथवा [...]

पार्टियाँ और कम्पनियाँ आपसी सांठ-गाँठ से विकास और रोज़गार के नाम पर देश और जनता को लूट रहे हैं

भारत के लोगों से उनका जातीय कौशल छीन कर उन्हें स्वतंत्र उद्यमशीलता से विमुख कर दिया गया है । नौकरी का लालच दे तथाकथित उच्च शिक्षा के जंजाल में फंसाया जाता है और सब को नौकरी भी नहीं मिलती । विकास के नाम पर बड़े-बड़े ठेके मोटी रकम लेकर कंपनियों को ऊंची दरों [...]